ब्यास नदी के किनारे बसा हुआ छोटा सा नगर मंडी हिमाचल प्रदेश में सैलानियों को बहुत ही आकर्षित करता है इस जगह का प्राकृतिक सौंदर्य तो अनुपम है ही साथ ही यह एक महत्वपूर्ण धार्मिक व सांस्कृतिक केंद्र भी है पर्यटन की दृष्टि से नगर को बहुत ही महत्वपूर्ण माना जाता है इस छोटे से नगर में करीबन 81 ओल्ड स्टोन मंदिर है और उनमें की गई नक्काशी बहुत ही शानदार है

मंडी कई पुराने मंदिरो के लिए प्रसिद्ध है और शिकारी देवी भी उनमे से एक है मुख्य शहर से दूर ,समुद्र तल से 3332 मीटर की ऊंचाई पर स्थित यह मंदिर शोर -शराबे से भी दूर है इस मंदिर की छत नहीं है राजा अजबर सेन द्वारा निर्मित यह मंदिर शहर के केंद्र में स्थित है और मंडी के पर्यटन स्थलों की सूचि में एक लोकप्रिय नाम है मंदिर में शिव की सुंदर मूर्तियां ,नंदी ,प्रवेश द्वार और मंडप आदि है

कामाक्षी देवी मंदिर देवी दुर्गा को समर्पित है यह एक लकड़ी का मंदिर है मंदिर का पांडव काल की मूर्तियां मौजूद है ये मूर्तियां अष्टधातु की बनी हुई है स्थानीय लोगो का मानना है की देवी के द्वारा राक्षस महिसासुर को भैंस होने का श्राप इसी जगह पर दिया गया था

श्यामा काली मंदिर भगवान शिव की पत्नी सती को समर्पित है इस मंदिर की स्थापना तैरना पहाड़ी पर की गई थी इस कारण आज के समय में लोग इसे टारना देवी मंदिर कहकर भी पुकारते है यह मंदिर मंडी में स्थित प्राचीन मंदिर में से एक है जिसका निर्माण राजा श्याम सेन ने 1658 में करवाया था

मंडी में भीमकाली मंदिर एक और प्रसिद्ध और धार्मिक स्थल है दुर्गा के अवतार ,भीम काली को समर्पित ,मंदिर की वास्तुकला शानदार लकड़ी की नक्काशी को प्रदर्शित करती है ब्यास के किनारे स्थित इस मंदिर में हिंदू देवताओ और देवी देवताओं की विशेष फोटो प्रस्तुत करते हुए मदिर के अंदर एक बड़ा म्यूजियम भी है


You may also like

सूखे या भीगे हुए कोनसे बादाम होते है ज्यादा फायदेमंद ?
Clove Benefits: लौंग में पाए जाते है इतने औषधीय गुण,जानकार रह जाएंगे हैरान