गुजरात में गोमती नदी के किनारे पर मौजूद द्वारकाधीश मंदिर गुजरात का सबसे पवित्र मंदिर है भगवान कृष्ण को समपित यह मंदिर गुजरात के साथ -साथ भारत के सबसे पवित्र मंदिरो में से एक माना जाता है आज हम आपको द्वारकाधीश मंदिर से जुड़े रोचक तथ्यों के बारे में बताएंगे

द्वारिकाधीश मंदिर लगभग 2 हजार से 200 साल पुराण है इस मंदिर का निर्माण कृष्ण काल में व्रजभान ने करवाया था यह स्थान 'हरी ग्रह 'यानि भगवान कृष्ण जी का निवास सिहल हुआ करता था जिसे बाद में मंदिर के रूप में बनाया गया

द्वारकाधीश मंदिर को कई नामो से जाना जाता है इस मंदिर को कोई कृष्ण मंदिर ,द्वारिका मंदिर ,हरी मंदिर के नाम के पुकारते है इस मंदिर को द्वारकाधीश मंदिर के बाद सबसे अधिक 'जगत मंदिर 'के नाम से भी जाना जाता है इस मंदिर को निज मंदिर के नाम से भी जाना जाता है

द्वारकाधीश मंदिर का निर्माण बहुत ही भव्य तरिके से किया गया है इस मंदिर का निर्माण चालुक्य शैली में निर्मित किया गया है जिसे चुना पत्थर ओर रेट का इस्तेमाल किया गया है जो भारत की प्राचीनतम शैली को दर्शाता है पांच मंजिला यह मंदिर 72 स्तंभो पर बना हुआ है

इस मंदिर में मौजूद दो द्वार को बहुत महत्वपूर्ण माना जाता है एक द्वार उत्तर दिशा में मौजूद है जिसे 'मोक्ष द्वार 'के नाम से जाना जाता है दूसरा द्वार दक्षिण दिशा की ओर है जिसे 'स्वर्ग द्वार 'भी कहा जाता है



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