इन 3 खिलाड़ियों के बिना अधूरा है भारतीय क्रिकेट का इतिहास।

आज इस आर्टिकल में हम आपको भारतीय क्रिकेट के 3 ऐसे स्तंभों के बारे में बताएंगे जिनके बिना भारतीय क्रिकेट का इतिहास अधूरा है।

1 कपिल देव भारतीय क्रिकेट टीम के इतिहास की बात की जाए तो हमें कपिल देव का नाम सुनहरे अक्षरों में लिखा हुआ है कि उन्हें पहली बार साल में भारतीय टीम को वर्ल्ड कप जिताया था कपिल देव भारतीय टीम के एक महान ऑलराउंडर रहे हैं जिन्होंने 131 टेस्ट मैच खेले जिसमें 5248 रन और 484 विकेट लिए। जबकि 225 वनडे मैचों में 3783 रन बनाए और 253 विकेट लिए थे। वर्तमान यह दिग्गज कमेंट्री करते है।

2 सचिन तेंदुलकर क्रिकेट के भगवान कहे जाने वाले सचिन तेंदुलकर भारतीय टीम के क्रिकेट के स्तंभ रहे हैं और भारतीय टीम में है जब भी खेलते थे भारतीय टीम हमेशा सचिन तेंदुलकर पर निर्भर रहती थी विपक्षी टीम तो केवल इसी बात से डरती थी कि सामने वाली टीम में सचिन तेंदुलकर बल्लेबाजी करेंगे सचिन तेंदुलकर ने भारत की तरफ से खेलते हुए 100 अंतरराष्ट्रीय शतक लगाए हैं जो कि विश्व क्रिकेट का सबसे बड़ा रिकॉर्ड है तेंदुलकर का जन्म 1973 में हुआ था और पहला मैच 1989 में पाकिस्तान के खिलाफ खेला था। इसके बाद उन्होंने अपने पूरे करियर में 200 टेस्ट खेले जिसमें 15921 रन ठोके। तेंदुलकर ने इस दौरान कुल 68 अर्धशतक और 51 शतक बनाए। वहीं अगर वनडे की बात करें तो 463 एकदिवसीय अंतरराष्ट्रीय मैचों में 18426 रन बनाये जिसमें एक दोहरा शतक भी शामिल है।

3 महेंद्र सिंह धोनी भारतीय टीम के पूर्व कप्तान महेंद्र सिंह धोनी भारतीय क्रिकेट टीम के बहुत ही महत्वपूर्ण खिलाडी है महेंद्र सिंह धोनी ने ही भारतीय टीम को 28 साल बाद 2011 में वर्ल्ड चैंपियन बनाया महेंद्र सिंह धोनी की कप्तानी में ही भारतीय टीम ने 2007 का T20 वर्ल्ड कप जीता इसके बाद 2011 का वर्ल्ड कप जीत महेंद्र सिंह धोनी का नाम इतिहास के पन्नों में सुनहरे अक्षरों में लिखा गया यह है भारतीय क्रिकेट टीम के तीन स्तंभ जिनके बिना भारतीय क्रिकेट टीम का इतिहास अधूरा है।

loading...

You may also like

इतने करोड़ की संपत्ति के मालिक हैं रोहित शर्मा, जानकर होगी हैरानी
BCCI ने IPL के लिए निकाली है ये तारीख, लेकिन ब्रॉडकास्टर नहीं है खुश, जानिए कब शुरू होगा IPL