आज हम इस आर्टिकल में आप लोगों को बताने वाले हैं. कि वनडे मैच क्रिकेट वह संस्करण है जिसमें अधिकतर मौकों पर बल्ला गेंद पर हावी नजर आता है. वनडे क्रिकेट की शुरुआत साल 1971 से हुई और तब से अब तक इस संस्करण में ना जाने कितने ही रिकॉर्ड बने हैं.

सीमित ओवरों के इस संस्करण ने क्रिकेट की लोकप्रियता को बुलंदियों पर पहुंचाने का काम किया है. इसमें टेस्ट के मुकाबले दर्शकों को अधिक रोमांच देखना का मिलता है. और मैच का नतीजा भी एक दिन में ही निकल जाता है.

वनडे क्रिकेट मैचों में बल्लेबाजी अक्सर गेंदबाजों पर हावी नजर आते हैं. आलम यह है कि गेंदबाज अक्सर अपने 10 ओवर के कोटे में या कम में 100 रन लुटा देते हैं. लेकिन मित्रों हम आप लोगों को जिस रिकॉर्ड के बारे में बताने वाले हैं. वह इसके बिल्कुल उलट ही है.

दरअसल वेस्टइंडीज के लिए साल 1987 में बतौर मीडियम पेसर करियर शुरुआत करने वाले फिल सिमंस को यदि विश्व क्रिकेट का सबसे कंजूस गेंदबाज कहे तो कोई अतिशयोक्ति नहीं होगी. फिल सिमंस ने 26 वर्ष पहले 10-8-3-4 का बेहतरीन फिगर दिया था. उनको इकोनमी रेट था 0.30 यानी प्रति ओवर .30 की औसत से रन दिए. यह मैच खेला गया था पाकिस्तान के विरुद्ध.

यह सिमंस की किफायती गेंदबाजी ही थी कि वेस्टइंडीज के दिए 215 रन के लक्ष्य का पीछा करने उतरी पाकिस्तान केवल 81 रन पर ही आउट हो गई. सिमंस के अलावा कर्टनी एंब्रोस ने भी कसी गेंदबाजी की थी. उन्होंने इस मुकाबले में 4 मेडन ओवर फेंकते हुए केवल 19 रन ही दिए थे.


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