नई दिल्ली: बैंक खाता खोलने के लिए धर्म की अनिवार्यता की खबर को केंद्र सरकार ने खारिज कर दिया है। वित्त मंत्रालय ने कहा कि किसी भी भारतीय नागरिक को अपने बैंक के नो योर कस्टमर (केवाईसी) फॉर्म में अपने धर्म का खुलासा करने की आवश्यकता नहीं है। वित्त सचिव राजीव कुमार ने सोशल मीडिया पर चल रही इस तरह की अफवाहों पर विश्वास न करने को कहा है।



वित्त सचिव ने यह ट्वीट समाचार रिपोर्टों के साथ किया जिसमें दावा किया गया कि बैंकों में खाता खोलने के लिए धर्म का खुलासा करना अनिवार्य हो सकता है। इसमें कहा गया है कि बैंक जल्द ही अपने केवाईसी फॉर्म में एक नया कॉलम जोड़ सकते हैं, जिसमें उनके जमाकर्ता या ग्राहक को अपने धर्म के बारे में जानकारी देनी होगी।


ट्वीट में, वित्त सचिव, और वित्तीय सेवा विभाग के सचिव, राजीव कुमार ने लिखा कि किसी भी भारतीय नागरिक को केवाईसी में अपने बैंक खाते को खोलने या एक पुराने खाते में अपने ग्राहक को जानने के लिए अपने धर्म के बारे में जानकारी देने की कोई आवश्यकता नहीं है। उन्होंने आगे कहा कि जनता को इस तरह की अफवाहों पर बिल्कुल भी विश्वास नहीं करना चाहिए। सरकार की ओर से यह स्पष्टीकरण ऐसे समय में आया है जब कुछ मीडिया रिपोर्टों में कहा गया था कि बैंक खाते खोलने या सत्यापित करने के दौरान उपभोक्ता अपने धर्म के बारे में जानकारी मांग सकते हैं।

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