दोस्तो आज हम आपको इतिहास के एक यादगार युद्ध के बारें में बताने जा रहे है, जिसमें हाथियों ने एक विशाल पहाड़ को भी पार कर दिया था। दोस्तो जानकारी के लिए बता दे कि​ सेना नायक हन्नीबल इतिहास का एक ऐसा योद्धा रहा है, जिसने अपने आत्मबल और मन की शक्ति के आधार पर हाथियों से भी पहाड़ पार करा दिया था। दोस्तो कहा जाता है कि ऐसा विश्व के इतिहास में पहले कभी नहीं हुआ था कि जब हाथियों ने पहाड़ पार करके दिखाए हों। दोस्तो कहते थे कि हन्नीबल की आवाज में वह दम था, कि हाथियों के अन्दर गजब की शक्ति आ जाती थी।

जानकारी के लिए बता दे कि गुरिल्ला युद्ध के लिए विश्व में इससे अधिक प्रसिद्ध कोई योद्धा नहीं रहा है। यह अपनी छोटी की कथेजीनियन सेना का जनरल था। यह बात उस समय की है जब रोम की विशाल सेनाएं आसपास के देशों पर हमलाकर लुटपाट किया करती थीं। रोम की सेना लाखों में हुआ करती थी और जिस तरफ यह सेना रुख करती थी वहां से सबकुछ लूट लिया जाता था। दोस्तो हन्नीबल बचपन से ही रोम की सेना को धूल में मिलाने का सपना देखा करता था।

दोस्तो हन्नीबल जब अपनी कथेजीनियन सेना का मुख्य सेनापति बना था तब उसकी उम्र महज 26 साल की थी। सेना नायक हन्नीबल जानता था, कि रोम का समुद्र की सीमा पर पूरा कब्जा है। यदि वो समुद्र के रास्ते से जाते हैं तो हमको समुद्र में घेरकर मार दिया जायेगा। तब हन्नीबल ने गुरिल्ला युद्ध की नीति बनाई। अपने सेना में उसने कुछ 40 से अधिक हाथियों को जोड़ा था, साथ ही साथ रोम पर हमला करने के लिए कुछ 30-40 हजार से अधिक सैनिकों को खास तैयार किया था। लेकिन दोस्तो युद्ध के समय मुख्य समस्या यह थी, कि जिस तरफ से हन्नीबल हमला करना चाह रहा था वहां से बड़े ऊँचे पहाड़ इनकी सेना को पार करने थे। लेकिन यह पहाड़ हाथियों के वश में पार करने नहीं थे। सभी जानते थे कि हाथी पहाड़ पार नहीं कर सकते हैं, किन्तु हन्नीबल की जीत भी इसी रास्ते पर निर्भर करती थी।

बता दे कि रोम का ध्यान पहाड़ों की तरफ नहीं था क्योकि इधर से कोई आ ही नहीं सकता था। तब दोस्तो हन्नीबल ने सेना को पहाड़ पार कराने की जिम्मेदारी अपने ऊपर ले ली थी। कहते है कि शक्तिशाली योद्धा की आवाज हाथी भी समझने लगे थे और देखते ही देखते इसने हाथियों से पहाड़ पा करा लिए थे। लेकिन दोस्तो पहाड़ पार करने में इसके कुछ 10 हजार साथी मारे गये थे। अब इसके पास करीब 25 हजार साथी थे, लेकिन रोम की सेना कुछ 70 हजार थी। हन्नीबल ने अपने सैनिकों को हाथियों के पीछे रहने को बोला था। वो जानता था कि जमीन मिलते ही उसके पहाड़ी हाथी इधर-उधर भागना शुरू कर देंगे और हाथी ही रोम की सेना को मार देंगे। जब युद्ध शुरू हुआ तो कुछ ऐसा ही हुआ। रोम के आधे से ज्यादा सैनिक तो हन्नीबल के हाथियों के पैरों तले दबकर मर गये थे। इस प्रकार से दोस्तो सेना नायक हन्नीबल ने इस अनोखे और हैरान कर देने वाले युद्ध को जन्म दिया था।

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