नमस्कार मित्रों आज आपका फिर से एक बार स्वागत है एक नए लेख में, दोस्तों वर्तमान समय में जो युग चल रहा है उसे कलयुग के नाम से जाना जाता है। पौराणिक कथाओं के अनुसार चार युग होते हैं जिनमें से सबसे बड़ा और खतरनाक युग कलयुग को माना जाता है, कलयुग एक ऐसा युग है जिसमें अन्य युगों की तुलना में सबसे ज्यादा अपराध और कल पुर्जे के कार्य होते हैं। लेकिन क्या आप लोगों को मालूम है कि आखिर कलयुग की शुरुआत कैसे हुई थी? आज हम आप लोगों को इसी के बारे में बताने जा रहे हैं, तो आइए दोस्तों जानते हैं आज की कलयुग की शुरुआत कैसे हुई थी।

दोस्तों बात उस समय की है जब सभी पांडव अपना राजपाट अर्जुन के पुत्र राजा परीक्षित को सौंपकर भारत भ्रमण के लिए चले गए। भारत भ्रमण करने के बाद सभी पांडवों ने स्वर्ग जाने का निश्चय किया। उसके बाद वे सभी पांडव स्वर्ग की ओर प्रस्थान हो गए। राजा परीक्षित के राज्य काल से ही कलयुग का आगमन हुआ है। जब सभी पांडव स्वर्ग के लिए प्रस्थान हो गए उसके बाद कलयुग ने अपना प्रभाव दिखाना प्रारंभ कर दिया कलयुग में सबसे पहले बैल को पीटना शुरू किया।

जब राजा परीक्षित ने यह दृश्य देखा तो यह कलयुग को मारने के लिए दौड़ा है उसके बाद कलयुग में राजा परीक्षित के सामने हार स्वीकार कर ली और राजा परीक्षित को अपने लिए रहने के लिए स्थान मांगा तब राजा परीक्षित ने कलयुग से कहा कि तुम उस जगह निवास करो कि जहां पाप अन्याय चोरी डकैती आदि गलत कार्य होते हैं इन सबसे भी कलयुग संतुष्ट नहीं हुआ और अन्य स्थान मांगा था राजा परीक्षित में कलयुग को सोने में रहने का वरदान दे दिया इस प्रकार कलयुग राजा परीक्षित के मुकुट में रहने लगा क्योंकि राजा परीक्षित का मुकुट भी सोने का बना था।

राजा परीक्षित के मुकुट में रहकर कलयुग अब अपना प्रभाव दिखाने लगा था। कलयुग में सबसे पहले राजा परीक्षित से ही एक दुष्कर्म करवा दिया जिसकी सजा राजा परीक्षित को अपनी मृत्यु से चुकानी पड़ी। इस प्रकार राजा परीक्षित के द्वारा ही कलयुग में इस धरती पर अपना प्रभाव दिखाना शुरू किया और अपने चपेट में पूरी दुनिया को ले लिया।

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Source : Amar Ujala

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