भारत में कई मंदिर और कई ऐसे तीर्थ स्थल है जो आश्चर्य और रहस्यों से भरे है किसी मंदिर में मान्यता है की आज भी भगवान आते है और भक्तो को आशीष प्रदान करते है तो किसी मंदिर में ऐसी ज्योति प्रज्ज्वलित हो रही है जिसे हवा भी नहीं बुझा पाती है कर्णाटक के सिरसी राज्य में स्थित सहस्रलिंग तीर्थ एक ऐसा तीर्थ स्थान है जहां शलमाला नदी में आज भी हजारो शिवलिंग है

सोंडा गांव के पास सिरसी से लगभग 17 किमी दूर शांत शलमाला नदी बहती है जंगलो से घिरी इस खूबसूरत नदी का एक हिस्सा एकअविश्वसनीय विरासत और इतिहास को अपने अंदर समेटे हुए दिखाई देता है

वैसे तो साल भर पर्यटक यहां भरी संख्या में आते है लेकिन मुख्य रूप से शिवरात्रि के दौरान यहां भक्तो का मेला लगता है यहां जाने के लिए सबसे अच्छा समय नवंबर से मार्च तक का माना जाता है क्योकि इस बीच नदी का स्तर काफी कम हो जाता है

एक पौराणिक कथा के अनुसार सोडा या स्वादि एक्स्प्पा नायक के राजा की कोई संतान नहीं थी संतान प्राप्ति के लिए उन्हें एक ऋषि ने एक सहस्त्र शिवलिंग के निर्माण करवाने की सलाह दी थी तभी से यहां शिवलिंग मौजूद है और यहां सभी भक्तो की मनोकामनाएं भी पूरी होती है

नंदी की प्रतिमा यहां की विशालमय प्रतिमा है यह लगभग 12 फ़ीट लंबी और 5 फ़ीट छोड़ी है यह विशालकाय पाषाणी मूर्ति कई मन भरी हो सकती है


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