राजस्थान में मृत्युभोज का आयोजन करने पर एक साल की सजा और एक हजार रुपए का जुर्माना किया जाएगा। राज्य सरकार ने इसके प्रति सख्त रूख (Strictness) अपना लिया है। पुलिस मुख्यालय ने सभी पुलिस कर्मचारियों को राजस्थान मृत्युभोज निवारण अधिनियम-1960 की पालना सुनिश्चित कराने का रिमांडर भेजते हुए आवश्यक निर्देश दिए हैं।

ससे जुड़ा कानून करीब 60 साल पुराना है। कोरोना काल में भी मृत्यु भोज की शिकायते आने के बाद राजस्थान सरकार ने ये फैसला लिया है। इस सख्ती को कोरोना से भी जोड़कर देखा जा रहा है ताकि लोग एक स्थान पर इकट्‍ठे न हों।

राज्य के कानून के मुताबिक कोई व्यक्ति मृत्युभोज करता है या इसके लिए किसी पर दबाव डालता है तो उसे एक साल तक की सजा हो सकती है। मृत्युभोज निवारण अधिनियम-1960 के प्रावधानों के अनुसार मृत्युभोज की सूचना न्यायालय को दिए जाने की जिम्मेदारी पंच, पटवारी और सरपंच को दी गई है।

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