हम सभी जब घर से बाहर जाते है तो दरवाजों में ताला जरूर लगते है और अगर ताले भी नहीं लगते है तो कुण्डी तो बंद करते ही है लेकिन एक ऐसा गांव भी जहां लोग घरो के मुख्य दरवाजे ही नहीं होते है स्थानीय लोगो की मान्यता है की शनि देव की शिला उनकी हर एक बाधा से मुक्ति दिलाती है आज हम शनि शिगनापुर से जुडी बातों के बारे में बताएंगे

यह भारत में महाराष्ट्र राज्य में शनि शिग्नोर की कहानी है जहां गांव के संरक्षणक माने जाने वाले भगवान शनि पर उनके अटूट विश्वास के कारण ग्रामिणी ने सुरक्षा का भरोसा दिया एक पौराणिक कथा के अनुसार लगभग 300 साल पहले बारिश और बाढ़ के एक युद्ध के बाद पनसनला नदी में बाढ़ आ गई

लोहे की स्लैब और दरवाजे की स्थिति का कोई संबंध नहीं है 5000 अजीबोगरीब लोगो की आबादी वाला गाँव शनि शिंगनापुर ,सभी खतरों से उस स्थान की रक्षा करने के लिए लोहे के पत्थर स्लैब को ही जिम्मेदार मंटा है लोहे की पत्थर की पाटिया भगवान शनि की अभिव्यक्ति है अगर कोई लोग घर के दरवाजे लगाने की कोशिश करता है तो तो घर के लोगो के साथ बुरा होता है

मंदिर के बारे में यह भी अनोखा रिवाज है की महिलाओ को मूर्ति की पूजा की अनुमति नहीं है एक ऐसा रिवाज जिसका शिला बनने के बाद से पालन किया जाता है मंदिर परिसर में प्रवेश करने के पहले पुरुषो का स्नान करना पड़ता है


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