इंटरनेट डेस्क : चावल का इस्तेमाल जहां खाने में किया जाता है तो वही पूजा-पाठ में भी चावल का विशेष महत्व है बिना चावल के हर पूजा अधूरी होती है । चावल को अक्षत भी कहा जाता है और अक्षत का अर्थ होता है जो टूटा न हो। शास्त्रों में बताया गया है की पूजा-पाठ में टूटें-फूटें चावल को कभी नही रखना चाहिए ऐसा करना अशुभ होता जब भी खास पूजा में रोली से किसी व्यक्ति के माथे पर टीका किया जाता है चावल को लगाया जाता है।

आइए जानें चावल से जुड़ी ये विशेष बातें जिससे आप अनजान है...

पूजा कर्म में देवी-देवता को चावल चढ़ाए जाते हैं, साथ ही किसी व्यक्ति को जब तिलक लगाया जाता है, तब भी रोली का उपयोग कर चावल लगाया जाता है ऐसा करना बेहद शुभ होता है।

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पूजा में चावल चढ़ाने का महत्व है की बिना किसी पूजा के आपकी हर तरह की पूजा सफल हो इसी प्रार्थना के चलते भगवान को चावल चढ़ाए जाते है।

चावल को अन्न में श्रेष्ठ माना गया है। इसका सफेद रंग शांति का प्रतीक है। चावल चढ़ाकर भगवान से प्रार्थना की जाती है कि हमारे सभी कार्य रुप से सफल हो और हमारे जीवन में शांति बनी रही।

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पूजा में भी जो भी चावल लेंवे वह कही से टूटें फूटे ना हो साफ सुथरे और सबूत चावल का इस्तेमाल आप पूजा में करेंगे तो आपके जीवन के लिए लाभकारी होगा।

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