लाइफस्टाइल डेस्क: अवसाद की परेशानी से आज दुनियाभर में कई लोग बेहद परेशाना है। इसके कारण अगर मनोचिकित्सकों के अनुसार जाने तो अवसाद होने के कई कारण हो सकते हैं। प्रमुखता से किसी व्यक्ति की सोच की बनावट या उसके मूल व्यक्तित्व पर भी निर्भर करता है। अवसाद की स्थिति में व्यक्ति-विशेष के लिए सुख, शांति, खूशी, सफलता, संबंध तक बेमानी होने लगते है। यहीें नहीं कभी-कभी जैवरासायनिक असंतुलन के कारण भी अवसाद घेर लेता है, जिससे बाहर निकलना बेहद मुश्किल हो जाता है।


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इंसान के शरीर के दिखाई देने वाले कई जख्मों को दवा से ठीक किया जा सकता है। पर जब इंसान मन से ही बीमार होता है तो ये किसी को दिखाई नहीं देता। अगर बात करें एक दीमक की तो अंदर ही अंदर एक लकड़ी को पूरी तरह से खोखला कर देती है। ठीक वैसे अवसाद डिप्रेशन भी दीमक की तरह किसी भी इंसान को अंदर से खत्म कर देता है।  इस स्थिति में इंसान खुद को तन्हा महसूस करने लगता है। अगर इसके खतरे को कम करना है तो इसमें योगासन बहुत अहम भूमिका निभाता है। एक अध्ययन के अनुसारअस्पताल में भर्ती 20 फ ीसदी मरीजो को अवसाद के कारण दिल का दौरा पडऩे का खतरा तीन गुना ज्यादा  होता है।

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इसके लिए योगासान के साथ कोई व्यक्ति लगातार सकारात्मक सोच का अभ्यास करें तो वह आपने डिप्रेशन या अवसाद की स्थिति का एकमात्र इलाज खुद ही कर सकता है। इसके लिए हमेशा सकारात्मक सोच दिमाग में रखना बेहद जरूरी है। योगासान करने से स्व्स्थ शरीर के साथ साथ शरीर में मौजूद कई तरह की बीमारियों को भी दूर करता है।

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