अंडमान और निकोबार द्वीप समूह भारत के सबसे अच्छे गंतव्य स्थलों में से एक है और यह द्वीपों के एक बड़े समूह को कवर करता है जिनमे से प्रत्येक एक विशेष आकर्षक है ऐसा ही एक विशेष द्वीप है बैरन द्वीप ,जो अंडमान और निकोबार समूह के पूर्वी हिस्से की ओर स्थित है

यह द्वीप विभिन्न कारणों से प्रसिद्ध है जो इसे अंडमान ओर निकोबार स्वीप समूह के अन्य सभी द्वीपों से अलग बनता है यह अन्य द्वीपों के विपरीत है की यह अपने समुद्र तटों या विदेशी विचारो के लिए नहीं बल्कि असामान्य कारणों से जाना जाता है

पोर्ट ब्लेयर से लगभग 135 किमी उत्तर-पूर्व में बैरन आइलैंड स्थित है जो दक्षिण एशिया ओर भारत का एकमात्र सक्रिय ज्वालामुखी है बैरन द्वीप एक छोटा निर्जन 3 किमी चौड़ा द्वीप है यहां की आबादी न के बराबर जे इसलिए इस बीरन जगह का नाम बैरन पड़ गया

मूल रूप से अंडमान ओर निकोबार द्वीप समूह में प्रसिद्ध बैरन द्वीप तक पहुंचने के लिए दो विकल्प है पोर्ट ब्लेयर में सबसे पहले ओर सबसे ज्यादा पसंदीदा एक सिलपेन लिया जा सकता है दुरस विकल्प फेरी की सवारी है इस सक्रिय ज्वालामुखी से सबसे हालिया विस्फोट 2010 के सितंबर महीने में हुआ जो जनवरी 2011 तक जारी रहा 1989 से 1991 तक ज्वालामुखी लगभग डेड साल तक निष्क्रिय रहा इसमें एक ओर बड़े पैमाने पर विस्फोट हुआ जिससे निर्जन द्वीप को बहुत नुकसान हुआ



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