नमस्कार मित्रों आज आपका फिर से एक बार स्वागत है एक नए लेख में, वर्तमान समय में कोरोना वायरस की चलती पूरी दुनिया की अर्थव्यवस्था पूरी तरह से डगमगा गई है और दुनिया के कई देश को रोना वायरस की चपेट में आ चुके हैं जिसके चलते दुनिया के सभी देश को रोना वायरस जैसे घातक बीमारी से निपटने के लिए भारी-भरकम प्रयास कर रहे हैं लेकिन अभी तक दुनिया की किसी भी देश में कोरोना वायरस का पूरी तरह से सफल इलाज नहीं हो पाया है जिसके चलते कोरोनावायरस पूरी दुनिया के लिए चिंता का विषय बन चुका है।

दोस्तों चीन से शुरू हुआ कोरोनावायरस अब पूरी दुनिया को अपनी चपेट में ले रहा है और भारत में भी कोरोनावायरस अब अपना पैर पसार रहा है अगर देखा जाए तो भारत में अब तक कोरोना वायरस के चलते 430 से ज्यादा लोग संक्रमित हो चुके हैं और आने वाले समय में जनसंख्या में और भी ज्यादा बढ़ोतरी हो सकती है।

क्या भारत में कोरोना वायरस का संक्रमण सामुदायिक स्तर पर होना शुरु हो चुका है, इस पर विशेषज्ञों का कहना है कि कल ही इस बारे में पता चल सकेगा। भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद (ICMR) के महामारी विशेषज्ञ डॉ. आरआर गंगाखेड़कर ने कहा कि हम अभी यह बताने की स्थिति में नहीं हैं कि कम्यूनिटी ट्रांसमिशन हो रहा है या नहीं। मैथमेटिकल मॉडलिंग पर काम हो रहा है और हमें मंगलवार तक कुछ जानकारियां मिल जाएंगी।

ICMR के महानिदेशक (DG) डॉ. बलराम भार्गव ने बताया, 80% मामलों में सामान्य बीमारी होती है। उन्हें संक्रमण का पता भी नहीं चलता है।20% मामलों में कोविड-19 से बुखार और खांसी होती है और करीब 5% संक्रमितों को भर्ती कराने की जरूरत होती है। उन्होंने कहा कि गंभीर रूप से बीमार मरीजों का इलाज अलग-अलग लक्षणों के आधार पर ही किया जा रहा है। उन्होंने कहा, कुछ दवाइयों के कॉम्बिनेशन आजमाए जा रहे हैं, लेकिन इलाज की अब तक कोई सटीक दवा नहीं मिल पाई है। इटली, अमेरिका और यूके में अब भी मौतें हो रही हैं जहां स्वास्थ्य तंत्र ज्यादा दुरुस्त है।

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय में संयुक्त सचिव लव अगरवाल ने कहा कि राज्यों को अपने स्तर से जोखिम का आंकलन करते हुए उन इलाकों की पहचान करने को कहा गया है जहां लॉकडाउन की जरूरत है। उन्होंने कहा, वायरस बहुत दमदार है और इसके फैलने की गति बहुत तेज है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि संक्रमण की श्रृंखला तोड़ने के लिए लॉकडाउन जरूरी है। अगरवाल ने बताया कि हरियाणा के झज्जर स्थित 800 बेडों के नेशनल केंसर इंस्टिट्यूट को कोविड-19 मरीजों के इलाज के लिए रिजर्व किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि 1,200 वेंटिलेटर्स का ऑर्डर दिया गया है।

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Source : Amar Ujala

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