इंटरनेट डेस्क : हमारी भारतीय संस्कृति में दुल्हन को कई तरह के आभूषण पहनने का रिवाज है जिसके पहने बिना उसका श्रृंगार अधूरा माना गया है ऐसा ही कुछ सोने के आभूषण को लेकर भी है जिसे उसे विवाह के समय पहनना बेहद आवश्यक है इसे पहने बिना विवाह के समय उसका श्रृंगार अधूरा माना गया है। भारत की कुछ संस्कृतियों की बात करें तो तमिलनाडु और आंध्र प्रदेश की दुल्हनें ज्यादा सोने को पहने हुए विवाह में दिखाई देती है। इन दोनों राज्य में विवाह के दिन दुल्हनें औसतन 300 ग्राम सोना पहनती हैं।

शायद आपको पता हो हमारी भारतीय संस्कृति में सोना स्त्री का स्त्रीधन कहलाता है। जो विवाह के समय एक स्त्री को दिया जाता है जो उसके मंगल का सूचक है। बल्कि वह भविष्य में धन और सुरक्षा भी संकेत है। शादी के दिन दुल्हन को सोने के आभूषण देने की परम्परा सदियों से चली आ रही है।

दरअसल यह सिध्दान्त पुत्री को उसके माता-पिता की संपत्ति का एक हिस्सा देने पर आधारित है जिसे वह अपनी पुत्री को विवाह के समय भेट स्वरुप देता है। इसलिए सोना दुल्हन के श्रृंगार में एक विशेष महत्व रखता है।

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