इंटरनेट डेस्क : हमारी हिंदू संस्कृति में शादी विवाह के मौकों पर कई तरह की रस्में देखने को मिलती है। जो हमारी धार्मिक संस्कृति में एक विशेष महत्व रखती है। ऐसा ही कुछ हिंदू संस्कृति में कन्यादान की रस्म को लेकर भी होता है जो माता- पिता अपनी बेटी के विवाह मे करते है। लेकिन क्या आपको पता है इस रस्म को करने के पीछें की खास वजह जिसे माता-पिता बेटी के विवाह के समय करते है।

दरअसल इस रस्म को करने के पीछें की माता-पिता की खास वजह है। हिन्दू धर्म में माता- पिता अपनी बेटी को लक्ष्मी का स्वरुप मानते है। वह अपने घर की लक्ष्मी को ऐसे हाथों में सौपते है जिसे यहां रहकर उतना ही प्यार सम्मान मिला है वही उसे ससुराल में भी मिलें। और वह उसके पति से यह उम्मीद रखते है वह लड़की के पिता के दिए वचनों को बखूबी निभाए।

ये रस्म यह दर्शाती है कि अब पिता अपनी कन्या से संबंधित हर जिम्मेदारी से मुक्ति पा रहा है और अपने घर की लक्ष्मी को उसे सौप रहा है। कन्यादान की रस्म लेकर यह बताया गया है कि लड़के ससुराल वाले सोचते है कि वह लक्ष्मी उनके भी सौभाग्य को लेकर आए। हमारी हिंदू संस्कृति की बात की जाए तो कन्या दान को सबसे बड़ा दाना माना गया है। यह रस्म माता – पिता के स्वर्ग जाने का रास्ता खोलती है।

You may also like

हमारी हिंदू संस्कृति में विशेष महत्व रखता है लाल रंग की शादी का जोड़ा
पूजा में इन चीजों का ना करें इस्तेमाल, जीवन के लिए होगा अनर्थकारी