इंटरनेट डेस्क: देशभर में गणेश उत्सव को लेकर गणेशभक्त जुट नजर आ रहे है। अब जल्द ही हर गली में गणपति बाप्पा मोरिया की गूंज सुनाई देनी वाली है। जन्माष्टमी के बार से ही भगवान गणेशजी के मंदिरों की खास सजावट की जा रही है, और जगहों जगहों पर गणेश जी की झांकियां सजाई जा रही है। गणेश चतुर्थी के आने के बेहद कम दिन ही शेष रह गए ऐसे में हर कोई इस दिन की विशेष पूजा अर्चना और झांकियों के लिए पहले से तैयार कर चुके है। जिससे भगवान को प्रसन्न किया जा सके। पर क्या आप जानते है हिन्दू धर्म में किसी भी काम की शुरुआत करने से पहले श्री गणेश को याद किया जाता है, आखिर क्यों ऐसा होता है, ऐसा भी माना गया है की देवता खुद भी भगवान गणेश जी के नाम लिए बगैर अपने कामों की शुरुआत नहीं करते हैं।

Old Post Image


दरअसल, शास्त्रों में लिखा है कि भगवान गणेश जी को याद किए बगैर कोई भी मांगलिक कार्य, महोत्सव, अनुष्ठान की शुरुआत नहीं की जा सकती है। और भगवान गणेशजी को विघ्नहर्ता, भक्तों का दु:ख दूर करने वाले, तेज बल, विद्या, बुद्धि के लिए जाना जाता है,इसलिए आज हम आपाकों बताएंगे की किसी भी काम की शुरुआत करने से पहले भगवान गणेश की पूजा क्यों की जाती है ।

Old Post Image


आज हम बात करेंगे इसके पीछे एक पौराणिक कथा की उस कथा के अनुसार जब सारे देवताओं में ये विवाद हो गया था कि धरती पर सबसे पहले किस देवता की पूजा होगी। उस दौरान सभी देवता खुद को सबसे सर्वश्रेष्ठ साबित करने लगे और ऐसे में विवाद बहुत और ज्याद बढ़ गया। सभी देवता इस समस्या के हल के लिए सारे देवता भगवान शिव के पास पहुंचे।

Old Post Image

भगवान शिव ने इस समस्या को दूर करने के लिए प्रतियोगिता रखी कि जो सबसे पहले पूरे ब्राह्माण का चक्कर लगाकर उनके पास आएंगे। वहीं धरती पर सबसे पहले पूजा जाएगा। प्रतियोगिता का हिस्सा भगवान शिव के पुत्र गणेश जी भी थे, बस फिर क्या थे सारे देवता अपने.अपने वाहन लेकर ब्राह्माण के चक्कर लगाने चले गए। पर जब वे वापस लौटकर आएतो भगवान शिव तब तक गणेश जी को इस प्रतियोगिता के विजेता घोषित कर दिए।


ऐसा देख सभी देवता हैरान रहे गए और भगवान शिव से पूछने लगे कि आखिर यह सब क्या है। तब भगवान शिव ने कहा कि माता.पिता को समस्त ब्रह्माण्ड एवं समस्त लोक में सबसे ऊंचा स्थान दिया गया जाता है और गणेश ने समस्त सृष्टि मानकर अपने माता पिता के चक्कर लगा लिए, इसलिए धरती पर सबसे पहले गणेश जी की पूजा की जाएगी। भगवान शिव की इस बात को सुन सारे देवता सहमत हो गए और तब से लेकर आज तक सबसे पहले भगवान गणेश जी की ही पूजा अर्चना की जाती है।

You may also like

सावन माह में किए गए ये उपाय दूर करें जीवन की तमाम परेशानियां
तो इस वजह से मंगलसूत्र में होते है काले और पीले मोती, जाने पति के लिए ये जरूरी बात