इंटरनेट डेस्क : बुध्दि और ज्ञान की देवी मां सरस्वती को माना जाता है जिनकी पूजा वसन्त पंचमी के दिन करना बेहद शुभ होता है अगर मां सरस्वती की पूजा इस दिन पूरे विधि-विधान से की जाए तो आपकी हर मनोकामना पूरी होगी। इस वर्ष वसंत पंचमी का पर्व 10 फरवरी को मनाया जाना है। हमारे शास्त्रों मे माना गया है की मां सरस्वती का जन्म इस शुभ दिन ही हुआ था। मां सरस्वती के स्वरुप की बात करें तो मां सरस्वती जिनके चार हाथ, एक हाथ में वीणा, दूसरे में पुस्तक, तीसरे में माला और चौथा हाथ वर मुद्रा होता है तो वही इस देवी को वाणी की देवी भी कहा जाता है।

आप इस दिन पूरें विधी-विधान से मां सरस्वती की पूजा करेंगी तो आपकी हर मनोकामना पूरी होगी...

अगर आप मां सरस्वती की पूजा इस दिन कर रही है तो पूजा करने के लिए सबसे पहले सरस्वती की प्रतिमा रखें और फिर पूजा विधि शुरु करें।

कलश स्थापिक करने के बाद ही भगवान गणेश का नाम लेकर पूजा करें।

सरस्वती मां की पूजा करते समय सबसे पहले उन्हें आमचन और स्नान कराएं ऐसा करना काफी शुभ होगा।

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आप मां सरस्वती के पसंदीदा रंग पीलें रंग पीलें वस्त्रों से मां सरस्वती का श्रृंगार करें जिसमे उनका अलौकिक रुप दिखता है।

मां सरस्वती के चरणों मे गुलाल जरुर अर्पित करें।

सरस्वती मां को पीले फल या फिर मौसमी फलों के साथ-साथ बूंदी भी चढ़ाए जो उनकों बेहद प्रिय है।

वसंत पंचमी के दिन आप मां सरस्वती को मालपुए और खीर का भोग लगाएं जो उनके पसंदीदा व्यंजन है।

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मां सरस्वती ज्ञान और वाणी की देवी हैं। पूजा के समय पुस्तकें या फिर वाद्ययंत्रों को भी आप पूजा मे रख सकते है।

वसंत पंचमी को अक्सर मंदिरों मे पूजा-पाठ का विशेष कार्यक्रम देखा जाता है। पूजा हवन के विशेष कार्यक्रम इस दिन मंदिरों मे देंखे जाते है ।

मां सरस्वती की वंदना करने के लिए आप विशेष मंत्रोच्चार के साथ मां सरस्वती की प्रार्थना और उनके विशेष मंत्रों का जाप करें ऐसा करना बेहद लाभकारी होगा।

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