इंटरनेट डेस्क : देशभर में गणेश चतुर्थी को लेकर गणेश भक्त ने जोरों से तैयारियां की है। हर कोई हर बार की तरह इस पर्व का खास बनाने में लगा है। कई गणेश भक्त इस बार भी इसे त्योहार को खास बनाने के लिए कई दिनों पहले से जुटे हुए। गणेश चतुर्थी का दिन भगवान गणेशजी के लिए बेहद खास है। जिसके लिए भक्त भी इस पर्व पर विशेष पूजा अर्चना कर सुख समृद्धी की कामना करते है। 13 सितंबर को देशभर में गणेश चतुर्थी का त्यौहार हर्षोल्लास के साथ मनाया जाने वाला है और जिस तरफ देखे तो इस त्यौहार की तैयारी में सभी लगे हुए हैं।

Old Post Image


वैसे तो हर कोई जानता है की गणेश चतुर्थी को गणेश जी को सबसे पहले मोदक का प्रसाद भोग लगाया जाता है। यह भी माना जाता है की भगवान गणेश को मोदक बहुत पसंद है और यही वजह है कि उन्हें मोदक का भोग लगाया जाता है। पर क्या आप जानते हैं कि आखिर मोदक ही क्योंं भगवान श्रीगणेश का पसंदीदा है। इसलिए आज हम आपकों बताएंगे की भगवान श्रीगणेश को सबसे पहले मोदक का ही क्यों भोग लगाया जाता है।

Old Post Image


दरअसल मोदक का अर्थ आनंद देने वाला होता है, मोड़ का असली अर्थ आनंद है, और मोदक को सात्विकता और शुद्धता का परिचय देने वाला भी कहा गया है। शास्त्रों की बात करें तो इसमें मोदक को ज्ञान का प्रतीक भी बताया गया है और यही कारण है कि भगवान गणेश मोदक को सबसे ज्यादा पसंदीदा है,ं उन्हें मोदक में सबसे ज्यादा पसंद लगता है।

Old Post Image


बुुधवार का दिन भगवाश गणेश का दिन माना गया, इस दिन भक्ता वशेष पूजा अर्चना कर भगवान को मोदक का प्रसाद चढ़ते है। भगवान गणेश को मोदक का भोग लगाने के लिए पीछे श्रद्धालुओं का मकसद उन्हें खुश करना और घर में खुशहाली की मनोकामना पूर्ण करने के लिए है। मोदक का प्रसाद बाहर से एकदम सख्त और अंदर से बेहद नरम होता है जैसे घर का मुखिया होता है इस वजह से भी मोदक सबसे उचित भोग माना गया है।

You may also like

नवरात्र दिनों में जरूर करें ये उपाए, घर में रहेगी खुशहाली
छठ फेस्टिवल 2018:- भगवान के आर्शिवाद के साथ साथ स्किन की बीमारियों को भी दूर करता है ये छठ का त्योहार!