उदयपुर। राजस्थान के उदयपुर जिले के उत्तर में अरावली पर्वत में कुंभलगढ़ किला, मेवाड क्षेत्र में चित्तौडग़ढ़ के बाद दूसरा सबसे महत्वपूर्ण गढ़ है। 15 वीं शताब्दी में राणा कुंभा द्वारा निर्मित, कुंभलगढ़ अब यूनेस्को की विश्व धरोहर स्थल है और पौराणिक राजा महाराणा प्रताप की जन्म स्थली है।

तीन दिवसीय कुम्भलगढ़ फेस्टिवल का शुभारंभ 1 दिसंबर से किया जा रहा है, जो 3 दिसंबर तक आयोजित होगा। यह फेस्टिवल कुंभलगढ़ किले में आयोजित होगा। जहां पर आपको राजस्थान की विभिन्न संस्कृति के बारे में, जिसमें सांस्कृतिक गतिविधि, पारंपरिक खेल, प्रदर्शनी और सांस्कृतिक शाम का आयोजन होगा।

ये फेस्टिवल पर्यटन विभाग राजसमंद और कुंभलगढ़ के किले में जिला प्रशासन द्वारा आयोजित किया जाता है। इस फेस्टिवल का मुख्य उद्देश्य राजस्थान को दुनियाभर में लोकप्रिय पर्यटन स्थल बनाना है। कुंभलगढ़ फेस्टिवल में पगड़ी बांधो प्रतियोगिता समेत सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा। इस मौके पर देशी और विदेशी पर्यटक विभिन्न प्रतियोगिताओं में भाग लेंगे।

महोत्सव के पहले दिन:

इस 3 दिवसीय फेस्टिवल के लिए विभिन्न गतिविधियों और प्रतियोगिताओं का आयोजन होगा। भारतीय लोक तोपखाने उदयपुर के प्रसिद्ध कठपुतली नृत्य कार्यक्रम, राजस्थानी कलाकारों द्वारा राजस्थानी लोक नृत्य और साफा बांधो प्रतियोगिता आयोजित होगी, वैसे ये प्रतियोगिताएं काफी प्रसिद्ध है।

पर्यटन विभाग के अतिरिक्त निदेशक हर्ष भटनागर ने कहा कि कालबेलिया, गैर नृत्य, घुमर और कच्ची घोडी जैसे नृत्य पर्यटकों के लिए खास आकर्षण का केन्द्र रहेंगे। विदेशी पर्यटकों के साथ स्थानीय लोगों को आकर्षित करने के लिए इन गतिविधियों और प्रतियोगिताओं का आयोजन किया जाता है।

वहीं इसी दिन शाम को सांस्कृतिक कार्यक्रम भी आयोजित होंगे। फेस्टिवल के पहले दिन की शाम को, जोधपुर के प्रसिद्ध फॉक कॉन ग्रुप हर वर्ष की भ्रांति इस वर्ष भी अपने सांस्कृति कार्यक्रमों की प्रस्तुति देंगे।

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महोत्सव के दूसरे दिन:

यहां सात शास्त्रीय रूपों की एक सभा होगी, जिनमें से भरतनाट्यम, कथक, कथकली, कुचीपुडी, मोहिनी अटाम आदि के कलाकार वहां मौजूद पर्यटक का मनोरंजन करने के लिए नृत्य प्रदर्शन प्रस्तुत करेंगे।

महोत्सव का तीसरे दिन:

वहीं तीसरे दिन की कार्यक्रमों की श्रृंखला में बांसुरी वादन, लोक गायक, बच्चों के खेल, राजस्थानी संगीत जैसे कार्यक्रम आयोजित होंगे।

राजस्थानी भोजन: राजस्थानी भोजन का भी एक अलग ही मजा है, कुंभलगढ किले में पारंपरिक और स्थानीय भोजन मिलता है, जिसका स्वाद बेहद ही टेस्टी है। इससे अच्छा राजस्थानी भोजन आपको कहीं ओर नहीं मिलेगा, जो कुंभलगढ में मिलेगा। यहां पर सारे राजस्थानी व्यंजन आसानी से मिल जाएंगे।

गट्टे की सब्ज़ी, ये हैं राजस्थानी परम्परागत व्यंजन

घेवर, रबड़ी घेवर और शुगर सिरप

मावा, मलाई, रबड़ी

दाल बाटी चूरमा टिपोरे

आकर्षण के स्थान: कुम्भलगढ़ फेस्टिवल ज्यादातर दो भागों में आयोजित होता हैं, जिसमें से एक आयोजन दिन के वक्त और दूसरा आयोजन रात के वक्त होता है। दिन के समय में राजस्थान से जुड़ी कुछ चीजों की प्रदर्शनी की जाती है, जिसमें राजस्थान के समाज से जुड़े विशेषज्ञ शामिल होते है।

वहीं रात्रिकालीन प्रोग्राम ओर भी शानदार होते है, जिसमें सांस्कृतिक कार्यक्रम होते है। जिसमें म्यूजिक, लाइटिंग, फोटोग्राफी और आतिशबाजी देखने लायक होती है। साथ कुंभलगढ में ओर कई आकर्षित जगह पर्यटकों को लुभाती है। जिसमें राजसमद्र झील, नीलकंठ महादेव मंदिर, कुंबलगढ़ वन्यजीव अभयारण्य, गोलेरा केन मंदिर आदि शामिल है।

जहां आप देवी और देवताओं की विशाल मूतियों के दर्शन कर सकते है। ये मंदिर अपनी वास्तुकला, शिल्पकला कौशल की वजह से आपके दिल को छू लेते है। इसके बाद भी यहां के भ्रमण के लिए ओर भी जगह बाकि रह जाती है।

जिनमें बादल महादेव, मामादेव मंदिर, परशुराम महादेव, वेदी मंदिर (जैन मंदिर) जैसे अधिक स्थानों को खूबसूरती के साथ तैयार किया गया है। साथ ही यहां के मुछल महावीर मंदिर की बनावट को देखकर आपका मन प्रसन्न हो जाएगा। कुंभलगढ़ फेस्टिवल में शामिल होने के लिए आप भी जल्द ही योजना बनाएं। क्योंकि यह फेस्टिवल 1 दिसंबर से शुरू होने जा रहा है, जो 3 दिसंबर आयोजित किया जाएगा।

ऐसे पहुंचे कुंभलगढ़:

इस फेस्टिवल में शामिल होने के लिए आप रेलवे यात्रा का भी चयन कर सकते है। कुम्भलगढ़ के पास का रेलवे स्टेशन फालना है जो कुंभलगढ़ तक पहुंचने के लिए एक सही विकल्प है। साथ ही सडक़ मार्गों के माध्यम से कुंभलगढ़ पहुंचा जा सकता है।

यहां पर पहुंचने के लिए राजस्थान राज्य सरकार की रोडवेज बसों से भी यहां पर आसानी से सभी शहरों से पहुंचा जा सकता है। आप यहां पर हवाई यात्रा के माध्यम से भी पहुंच सकते है। इसके लिए आपको उदयपुर के डबोक में महाराणा प्रताप हवाई अड्डा कुम्भलगढ़ के निकटतम (115.5 किमी) दूरी पर स्थित है। साथ आप कुंभलगढ़ के लिए हवाईअडड़े से टैक्सी या बस का चयन कर सकते है। जो आपको हवाई यात्रा के माध्यम से पहुंचने में आसानी प्रदान करता है। कुंभलगढ़, मुंबई, दिल्ली, अहमदाबाद, जयपुर, जोधपुर और उदयपुर जैसे सभी प्रमुख शहरों के सडक़ मार्ग से जुड़ा हुआ है।

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