इस्लाम इब्राहिमी परंपरा से निकला एकेश्वरवादी धर्म है। इसकी शुरुआत 7वीं सदी के अरेबिया में हुई। मुस्लिम मानते हैं कि यह सृष्टि की रचना से ही विद्यमान है। इस्लाम अल्लाह के अंतिम रसूल, हजरत मुहम्मद के द्वारा मनुष्यों तक पहुंचाई गई ईश्वरीय किताब क़ुरआन की शिक्षा पर आधारित है, तथा इसमें हदीस, सीरत व शरीयत धर्मग्रन्थ हैं।

Source: wikipedia

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मुस्लिम समाज में दो ही त्योहार है जो इस्लाम ने दिए हैं। और वह हैं ईद उल फितर और ईद उल अजहा। यानि ईद जो रमज़ान के फौरन बाद आती है। और दूसरी बकरीद जो इसके दो महीने दस दिन बाद आती है। इसके अलावा जितने भी त्योहार मुसलमानों ने बना रखे हैं, वह सब लोगों की अपनी उपज है। इनमें से किसी को भी इस्लाम की स्वीकृति प्राप्त नहीं है इसलिए उनकी कोई वास्तविकता नहीं है।

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रमज़ान, जिसमें पूरे एक महीने रोज़े रखे जाते हैं, को त्योहार नहीं कहा जा सकता। वह इबादत का महीना है और त्योहार नहीं। जैसे कुछ मुस्लिम समुदाय के लोग होली बहुत धूमधाम से मनाते हैं।

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