इंटरनेट डेस्क: भारत में अनेक धर्मो के लोग रहते है, हर घर्म अपनी आस्था के अनुसार भगवान की विशेष पूजा अर्चना करते है। हिन्दू धर्म में जिस तरह दिवाली का महत्व होता है, उसी तरह कई धर्मा के विशेष त्योहारों का महत्व होता है, जिन्हे हर कोइ हर्षोल्लास के साथ मनाता है। हिन्दू धर्म में कई त्योहारों को विशेष तौैर पर मनाया जाता है। वैस भी भारत में अलग.अलग त्यौहारों को मनाया जाता है, इस देश में अलग अलग भाषाएं, जातियों तथा संस्कृतियें को भी देखने को मिलता है।

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इसलिए आज हम आपकों एक खास त्योहार के बारे में बताएंगे जो केरल राज्य का बेहद महत्वपूर्ण त्यौहार है वह ओणम का पर्व। जिसे पूरे देश में भाईचारे का प्रतीक भी माना जाता है। इस पर्व को बहुत ही शानदार तरह से मनाया जाता है। ओणम में भगवान विष्णु की पूजा का विशेष महत्व रहता है। केरल निवासी अपने राजा का स्वागत करते है, तो चलिए आज जानते है इस पर्व से जुडी कुछ खास बातें.

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केरल में ओणम पर्व को लेकर कई खास वजह है, यह महत्वपूर्ण त्योहार होने के साथ साथ घर की सुख सृमद्धि के लिए भी विशेष महत्व रखता है।

यह पर्व नई फसल की आने की खुशीयां के लिए भी मनाया जाता है। इस त्यौहार में घरों के बाहर रांगोली बनाई जाती है और साथ दीप जलाए जाते हैं। इस पर्व के दौरान केरल के हर घर में खूब सारे और अच्छे पकवान बनाए जाते है, जो परिवार के लोग मिलकर बनाते है।

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इस पर्व के दिनों में घरों में कई तरह की सब्जियां और साम्भर बनाया जाता है, इसके अलावा मलयाली समाज एक.दूजे के गले लगते हैं और सभी खुशियां मनाते है। यह पर्व सभी के दिलों में भाईचारे का संदेश भरता है। जो पूरे भारत के लिए बेहद महत्व रखता है। दस दिन तक यह त्योहार मनाया जाता है। इन दिनों में कई सांस्कृतिक कार्यक्रमों का भी आयोजन किया जाता है।

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