इंटरनेट डेस्क सप्ताह के सात दिन होते है ऐसा ही कुछ बुधवार के दिन को लेकर भी है बुधवार का दिन प्रथम पूज्यनीय गणेश जी के दिन को लेकर माना गया है । हमारी हिंदू संस्कृति में ऐसी मान्यता है की भगवान गणेश की पूजा के बिना किसी भी काम की शुरुआत नही की जाती है अगर बिना गणेश की पूजा के उस काम को कर भी लिया जाए तो कई तरह के विघ्न उस काम को लेकर पैदा होने लगते है गणेश भगवान हमारे प्रथम पूज्यनीय है इसलिए सबसे पहले शास्त्रों में इनकी पूजा करने का विधान है घर के मुख्यप्रवेशद्वार पर भी घरों में गणेश की मूर्ति विराजमान होती है लेकिन कई बार हम गणेश की मूर्ति को लगा तो लेते है लेकिन कई बार गलत दिशा में लगाने की वजह से यह हमारे घर पर नकारात्मक प्रभाव भी डालती है।

दरअसल वास्तुशास्त्र के अनुसार गणेश जी की मूर्ति को सही दिशा में लगाया जाए तो ही बेहतर होगा....

कई लोगो के साथ अच्छा करते हुए भी बुरा हो जाता है इसके पीछे कारण घर का वास्तु दोष और घर रखी गलत दिशा में मूर्ति भी हो सकती है। घर में अगर गलत दिशा में गणेश मूर्ति लगा लेते है तो इससे नराकत्मक ऊर्जा घर में आती है और घर की शान्ति चली जाती है। दरअसल ऐसा माना गया है की घर में गणेश की मूर्ति या तस्वीर का वास्तु पर असर होता है क्योकि गणेश जी सुख शान्ति के फलदाता और लाभदाता है । दुकानों या ऑफिस में भी गणेश जी का मूर्ति का सही दिशा में होना बेहद जरुरी है।

गणेश जी की मूर्ति को पूर्वी,पश्चिमी दीवार पर लगाना बेहद शुभ माना गया है उस दिशा में रखे और घर के दरवाजे में घुसते हुए दिशा आप गणेश की प्रतिमा को स्थापित कर सकते है ऐसा करने से घर में कोई नकारात्मक उर्जा नही आती है साथ आपके घर के वातावरण में सुख शांति बनी रहती है।

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