इंटरनेट डेस्क : हमारे भारत में कई तरह के पर्यटन स्थल है जिसे देखने के लिए देश-विदेश पर्यटक आते है। इन खास पर्यटन स्थल से जुड़े रहस्यों को जानने के लिए हर व्यक्ति बेहद उत्सुक रहता है। ऐसा ही कुछ भारत के फेमस पर्यटन स्थल अमृतसर के स्वर्ण मंदिर को लेकर भी है। अमृतसर का स्वर्ण मंदिर हमेशा से ही अपनी खूबसूरत कारीगरी की वजह से फेमस रहा है। इस खूबसूरत गोल्डन टेंपल को देखने के लिए हर कोई बेहद उत्सुक रहता है। नंगे पांव इस टेंपल को देखने के लिए दूर-दूर से पर्यटक आते है।

अमृतसर का गोल्डन टेंपल हरमंदिर साहिब, सिक्खों का सबसे पवित्र तीर्थ स्थल है। पूजा में समावेशीकरण का यह सुन्दर स्मारक महान पांचवें सिक्ख गुरु, श्री अर्जन देव द्वारा निर्मित किया गया है।

उन्‍होंने इसको खुलेपन और सभी पंथों के लोगों का स्वागत करने के प्रतीक स्वरुप इसमें सभी चार दिशाओं से चार प्रवेश द्वार बनवाये। इस खूबसूरत गोल्डन टेंपल की नींव लाहौर के मुसलमान संत, हज़रात मियाँ मीर जी द्वारा रखी गयी थी और इसे हिन्दू एवं मुस्लिम शैली से बनाया गया है। स्वर्ण मंदिर का निर्माण लगभग 14 वर्षों के निर्माण कार्य के बाद 1604 में पूरा बनकर तैयार हुआ। किन्तु 19वीं शताब्दी के आरम्भ में आकर ही पंजाब के महानतम शासकों में से एक, महाराजा रणजीत सिंह द्वारा इसकी ऊपरी मंजिल का पूरा हिस्सा स्वर्ण से आच्छादित किया गया जिसमे 750 किलो सोना लगा है। इस गोल्डन टेंपल की खासियत है की यह टेंपल अमृत समान जल के सरोवर के बीचों-बीच है जो कितने ही तूफान,शीत, और वर्षा के बीच में भी दमकता रहा है।

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