इंटरनेट डेस्क : चैत्र नवरात्र का पावन पर्व चल रहा इन चैत्र नवरात्र के खास दिनों में माता की अराधना पूरें भक्तिभाव से करने से मां प्रसन्न होकर मनवांछित फल की प्राप्ति भक्तों को देती है चैत्र नवरात्र में विशेष तरह की पूजा-पाठ का विशेष महत्व होता है मां दुर्गा के नौ स्वरुपों को अलग-अलग रुप में नौ दिनों तक पूजा जाता है तो वही नवरात्र में लाल रंग का एक अलग महत्व होता है जिससे माता का श्रृंगार किया जाता है साथ ही मां की पूजा में लाल रंग के कपड़ों को पहनना भी बेहद शुभ है मां का हर श्रृंगार लाल रंग की चीजों से होता है लेकिन क्या आपने जानने की कोशिश की है की मां को लाल रंग की चीजें ही क्यों चढ़ाई जाती है।

मां की पोशाक, चूडिय़ां , सिंदूर सब लाल ही होता है। दरअसल, इसके पीछे पौराणिक और वैज्ञानिक पहलू है...

नवरात्रि में मां को ही नहीं सुहागिनों व कुंवारी कन्याओं को भी लाल पोशाक व श्रृंगार के सामान दिए जाते हैं। लाल रंग मां को बेहद प्रिय होता है ।

चैत्र नवरात्र में भूलवश भी ना करें ये काम वरना मां दुर्गा होगी

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तो वही वैज्ञानिक पक्ष की बात करें तो लाल रंग ऊर्जा का प्रतीक है और इसे पहनने के बाद आपके शरीर को उर्जा की अनुभूति होती है। लाल रंग को वार्म कलर की श्रेणी में रखा गया है।

इसके पीछें यह पौराणिक कथा भी छिपी हुई है।

जब धरती पर राक्षसों का आतंक बढ़ गया तो मां ने इन राक्षसों को खत्म करने की ठानी। राक्षसों के खात्मे के बाद मां का पूरा शरीर लाल रंग से भर गया और मां इस बात से प्रसन्न हुईं की अब धरती रक्षसों से मुक्त हो गई। बुराई पर अच्छाई की ये जीत के लिए जब वह खुद को लाल रंग से रंगा पाईं तो बेहद प्रसन्न हुई और तब से मां को लाल रंग भाने लगे। इसी वजह से नवरात्र के शुभ दिनो में लाल रंग का एक विशेष महत्व है जिससे मां का पूरा श्रृंगार भी किया जाता है ।


चैत्र नवरात्र मनाने के पीछें छिपी है ये रोचक कहानी

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