इंटरनेट डेस्क : कृष्ण जन्माष्टमी के बाद आने वाली डोल ग्यारस जिसे हम पद्मा एकादशी भी कहते है इस ग्यारस को करने का हमारे हिंदू धर्म में विशेष महत्व रहा है भाद्रपद माह की शुक्ल पक्ष की एकादशी को डोल ग्यारस मनाई जा रही है जो आज के दिन यानि की 9 सिंतबर को है। शास्त्रों में इस एकादशी का सर्वाधिक महत्व है क्योंकि इस दिन भगवान विष्णु और उनके आठवें अवतार भगवान श्रीकृष्ण की विशेष पूजा की जाती है। इस दिन माता यशोदा ने जलवा पूजन किया था। इसे परिवर्तनी एकादशी हमारे हिंदू धर्म में कहा जाता है

डोल ग्यारस के दिन भगवान विष्णु के वामन अवतार की पूजा होती है क्योंकि इसी दिन राजा बलि से भगवान विष्णु ने वामन रूप में उनका सर्वस्व दान में मांग लिया था एवं उसकी भक्ति से प्रसन्न् होकर अपनी एक प्रतिमा राजा बलि को सौंप दी थी, इसी वजह से इसे 'वामन एकादशी" के भी नाम से जाना जाता है ।

अगर आप यह एकादशी मना रही है तो इन उपायों को करना आपके लिए बेहद लाभकारी होगा...

अगर आप आर्थिक तंगी से झूझ रहे तो आर्थिक तंगी को दूर करने के लिए आप भगवान विष्णु के मंदिर में एक साबुत श्रीफल और सवा सौ ग्राम साबुत बादाम चढ़ाएं ऐसा करना बेहद लाभकारी होगा।

यदि आप कर्जे में डूबते जा रहें और लाख कोशिशों के बाद भी नही निकल पा रहे है तो इस एकादशी के दिन पीपल के पेड़ की जड़ में शक्कर डालकर जल अर्पित करें और शाम के समय पीपल के नीचे दीपक जलाएं ऐसा करना बेहद लाभकारी होगा।

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इस एकादशी के दिन आप अपने घर में या किसी विष्णु मंदिर में भगवान श्रीहरी के सामने नौ बत्तियों वाला दीपक जलाएं इससे आपकी आर्थिक तंगी की परेशानी को दूर होगी और आपका सारा कर्ज जल्द से जल्द दूर होगा। और आपका दुर्भाग्य सौभाग्य में बदल जाएगा।

पूजा-पाठ में विशेष महत्व रखता है हिंदू धर्म में कलश रखना

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एकादशी के दिन भगवान विष्णु का पूजन करते समय कुछ सिक्के उनके सामने रखें पूजने के बाद उन सिक्कों को रेशमी कपड़ें में बाधकर किसी पर्स या तिजोरी में हमेशा के लिए रख देंवे ऐसा करने से आपके घर में भंडार हमेशा भरा रहेगा ।

जिन लड़के और लड़कियों का विवाह नही हो रहा है तो वह एकादशी के दिन भगवान विष्णु का पीले पुष्पों से श्रृंगार करें। उन्हें सुगंधित चंदन लगाएं और इसके बाद बेसन की मिठाई का भोग लगाएं। ऐसा करना बेहद लाभकारी होगा।

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