इंटरनेट डेस्क : हमारे हिंदू धर्म मे हर शुभ काम मे स्वास्तिक बनाने का एक विशेष महत्व है पुराण शास्त्रों मे स्वास्तिक बनाने को लेकर कई तथ्य छिपें हुए है घर के हर शुभ काम मे स्वास्तिक को हम लाल रंग की रोली से बनाया करते है ताकि हमारा हर शुभ काम बेहद ही सरल तरीकें से सफलतापूर्वक सम्पन्न हो सकें पूजा-पाठ मे स्वास्तिक बनाने से घर मे खुशहाली ही खुशहाली आती है लेकिन अगर आप अपनी हर तरह की मनोकामनाओं को पूरी करना चाहते है तो इन बातों का विशेष ध्यान रखें ।

हमारे पुराण शास्त्र की बात करें तो स्वास्तिक लक्ष्मी और गणपति का प्रतीक माना गया है । स्वास्तिक दो शब्दों से मिलकर बना है। संस्कृत के 'सु' और 'अस्ति' से है जिसका अर्थ है, 'शुभ'. स्वास्तिक से परिवार, धन, स्वास्थ्य संबंधी तरह की परेशानियां दूर हो।

तो चलिए जानते है स्वास्तिक से जुड़ी इन खास बातों के बारे मे जिसे जानने के बाद आपकी हर तरह की मनोकामनाए पूरी होगी...

गुरुवार के दिन इन उपायों को करने से होगी जीवन की तमाम परेशानियां खत्म

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मंदिर में उल्टा स्वास्तिक बनाने से लंबे समय से फंसा हुआ काम पूरा होगा और मनोकामना पूरी होने पर आप उसी मंदिर मे सीधा स्वास्तिक बना देंवे ।

जब आप घर मे या किसी मंदिर मे स्वास्तिक बनाए तो उस पर पांच अनाज रखकर दीया जलाएं ऐसा करने से भी आपकी हर तरह की मनोकामनाएं पूरी होगी।

घर के मंदिर मे स्वास्तिक बनाकर उस पर इष्टदेव की मूर्ति रखें ऐसा करने से आपकी हर तरह की मनोकामना जल्द से जल्द पूरी होगी।

अगर आपको रात मे अच्छी नींद नही आए तो अच्छी नींद के लिए घर के मंदिर में तर्जनी अंगुली से स्वास्तिक बनाएं इससे आपको रात मे आने वाले बुरें सपन दूर होंगे।

पीलें रंग के वस्त्रों मे होती है ये खास बात, जो इस दिन पहनने होते है शुभ

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