लाइफस्टाइल डेस्क: आंख हमारी शरीर का सबसे खूबसूरत अंग होता है। जिससे हम दुनिया को करीब से देख सके। आंख के बिना मानव शरीर अधूरा है। आंखों की खूबसूरती पर अक्सर लोग ध्यान भी देते है, ओर उसकी अच्छी से केयर करते है। लेकिन कभी आपने देखा है कि कई लोगों के आंख में आंसू जल्द बाहर आने लग जाते है, छोटी सी बात पर ही इमोशनल होने पर उनके आंसू निकलने शुरू हो जाते है। ऐसा आपने बहुत बाहर देखा होगा।

आंसू क्या है दरअसल, आंसू नलिकाओं की रुकावट आँखों में पानी का प्रमुख कारण है। आंखों के बाहरी भाग पर एक तरल द्रव्य की महीन परत होती है, जो आंखों के स्वास्थ्य के लिए बेहद जरूरी होता है। लेकिन सर्दियों में चलने वाली ठंडी हवाएं आंखों की इस परत को वाष्पित कर ड्राई.आई की स्थिति उत्पन्न कर देती है।

आंखें हमारे शरीर का सबसे महत्वपूर्ण और संवेदनशील अंग हैं और इनकी सही देखभाल करना बहुत जरूरी है। खासकर सर्दियों में यदि आंखों मे जलन, धुंधलापन या देखने में किसी अन्य तरह की दिक्कत आने पर इसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। ऑफिस में कंप्यूटर पर काम करना आपकी मजबूरी हो सकती है, लेकिन घर पर नहीं। इसके लिए समय निकलकर आंखों को भी रेस्ट देने की जरूरत होती है।

आंखों की देखभाल इस तरह करें: घर पर कंप्यूटरए मोबाइल से दूरी बनाकर रहें। खाने में जितना हो सके पोषक तत्व और प्रोटीन युक्त आहार शामिल करें। हरी पत्तेदार सब्जियां जैसे पालकए मछलीए फल आदि खूब खाएं। इन्हें खाने से आंखों में ड्राई आई सिंड्रोम की समस्या नहीं होती है।

इसके साथ ही कई लोगों जो छोटी बात पर ही उनके आंसू निकलने लग जाते है तो ऐसा नहीं है उनकी आंखे कमजोर है बल्कि कुछ इमोशनल के वजह से ये उनके आंसू निकलते है जो सही है। लेकिन अगर जरूरत से ज्याद निकल रहे तो इसके लिए आई केयर बताना बहुत जरूरी है।

आंखों की रोशनी पूरी तरह से सही है या पढऩे के दौरान भी कोई समस्या महसूस नहीं होती, फिर भी साल में कम से कम एक बार आंखों की जांच अवश्य करवाएं। वहीँ प्रत्येक सेकंड कम से कम तीन से चार बार अपनी पलकों को बीच.बीच में झपकाते रहें। इससे आंखें तरोताजा और तनाव मुक्त रहती हैं। ऐसा करने से आंखों पर स्ट्रेन भी नहीं पड़ेगा।

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