बदलते खानपान और लाइफस्टाइल की वजह से आजकल लोगों में ट्यूबरकुलोसिस यानी टीबी रोग काफी कॉमन रोग हो गया है। टीबी के रोग से लाखो लोग जूझ रहे है यह बीमारी पुराने समय से ही मृत्युओं का बड़ा कारण थी ही, लेकिन आज भी टीबी एक दुनिया भर में स्वास्थ्य की एक बड़ी समस्या है।ऐसे में इस बीमारी से बचने के लिए जागरूकता व सतर्कता बेहद जरूरी है। पेट, किडनी, रीढ़ की हड्डी या ब्रेन में टीबी होना आजकल बहुत आम हो गया है। आज हम आपको टीबी से छुटकारा पाने के कुछ घरेलू उपायों के बारें में बताएंगे।

200 ग्राम शहद, 200 ग्राम मिश्री, 100 ग्राम घी के मिश्रण को दिन में 2-3 बार चाटने से आप टीबी रोग से छुटकारा पा सकते है।इसको पीस कर पाउडर बना लें और इसमें कुछ पीसी हुए लहसुन की कलियां मिलाएं। अब इसमें घर में बना हुआ ताजा मक्खन मिलाकर खाएं।लहसुन के रस के साथ आधा चम्मच शहद मिलाकर चाटें तथा लहसुन के रस को सूंघें। यह रस फेफड़ों को मजबूत करता है।

आंवला

हरे रंग का ये फल थोड़ा सा कड़वा जरूर होता है, मगर इसके साथ-साथ यह विटामिन सी से भरपूर होता है और ये हमारे इम्युनिटी लेवल को तंदरुस्त रखने में भी मदद करता है। रोजाना खाली पेट दो या तीन आंवले का जूस निकाल कर उसमें एक चम्‍मच शहद मिला कर पीने से यह बीमारी दूर होती है। बाजार से भी आंवले का जूस आसानी से उपलब्ध हो जाता है। रोजाना आंवले के जूस को एक गिलास पानी में शहद मिलाकर पीने से टी.बी की बीमारी में फायदेमंद होता है।

टी.बी. के साथ यदि ज्वर रहता है, तो तुलसी की 4 पत्तियां, चुटकी भर नमक, आधा चम्मच जीरा, एक चम्मच सोंठ। सबको एक कप पानी में उबालकर उसकी चाय बनाकर पिएं।इसके लिए ताजा संतरे के जूस में नमक और शहद मिलाकर रोजाना सुबह-शाम पीएं। इसके अलावा संतरा खाने से भी टी बी के रोगी को फायदा होता है।

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