लाइफस्टाइल डेस्क: हर इंसान के लिए अच्छी नींद उसके स्वास्थ्य के बेहद जरूरी है। एक अध्ययन के अनुसार अगर बात करें तो कई रात जागने से या अच्छी नींद नहीं लेने से आत्महत्या तक का ख्याल आ सकता है या ऐसी कोशिश बढऩे का खतरा हो ज्याद हो सकता है। एक अध्ययन में शोधकर्ताओं ने नींद की समस्या, आत्महत्या के ख्याल और व्यवहार में बदलाव के बीच संबंध पर विचार कर इसे समझाया है।

इस अध्ययन में 18 प्रतिभागी शामिल हुए। उनसे आत्महत्या की प्रवृत्ति में नींद से जुड़ी कई समस्याओं की भूमिका को लेकर सवाल किए गए। इस अध्ययन में सोने में दिक्कत की वजह से पैदा होने वाले आत्महत्या के ख्यालों के आपस में जुड़े तीन कारणों का पता चला। इस शौध में रात में जागने की वजह से आत्महत्या के ख्याल या कोशिश का खतरा सर्वाधिक होने की बात सामने आई। इसकी वजह है रात में सहायता या अन्य ऐसे संसाधनों की उपलब्धता का अभाव। इस अघ्ययन शोध में इसका भी खुलासा हुआ कि लंबे समय तक रात में अच्छी नींद नहीं ले पाने से अवसाद, नकारात्मक सोच, ध्यान केंद्रित करने में कठिनाई साथ ही निष्क्रियता बढ़ जाती है।

इस शोध के दौरान प्रतिभागियों ने बताया कि नींद आत्महत्या के विकल्प की तरह है। इससे समस्याओं से बच निकलने में मदद करती है। मैनचेस्टर विश्वविद्यालय की शोधकर्ता डोना लिटिलवुड ने कहा है कि हमारा अध्ययन मानसिक स्वास्थ्य समस्याओ, आत्महत्या के ख्याल या ऐसी कोशिशों से जूझने में अच्छी नींद के महत्व को रेखांकित करता है। यहीं नहीं इस अध्ययन में रेखांकित करता है कि आत्महत्या को रोकने की रणनीति के तौर पर रात में भी संसाधनों एवं सेवाओं की उपलब्धता होनी चाहिए। ये अध्ययन बताता है कि रात के समय जागने वालों में आत्महत्या का खतरा ज्यादा बढऩे लगता है।

 

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