इंटरनेट डेस्क:आगामी कुछ ही दिनों मे महाशिरात्रि का पर्व आने वाला जिसको लेकर भक्त भगवान शिव को प्रसन्न करने के लिए कई तरह के कठोर उपवासों को करते है। हिंदू धर्म में महाशिवरात्रि एक प्रमुख त्यौहार है। फाल्गुन माह में मनाया जाने वाला ये त्यौहार भक्तों के लिए विशेष तरह की पूजा पाठ और अराधना का दिन होता है। हर कोई भोले शंकर को प्रसन्न करने के लिए इस दिन विशेष तरह की भेट भगवान शिव को अर्पित करते है।

ऐसे में  इस शिवरात्रि ऐसा दुलर्भ योग बन रहा हैं, जिसके चलते इस बार रात के चारों प्रहर भगवान शिव की पूजा हो सकेगी। बताया जा रहा है कि इस दिन भोले शंकर और माता पार्वती का विवाह हुआ था। इसके अलावा कुंवारी कन्याएं अच्छा पति पाने के लिए इस दिन विशेष पूजा अर्चना करे तो उन्हे मनाचाहा वर मिलेगा। यही नहीं इस दिन जिन लोगों की कुंडली में कालसर्प दोष होता है तो इस दिन पूजा पाठ करने से  कालसर्प योग से मुक्ति पाने का  ये विशेष दिन है।

और भी कई उपाय इस शिवरात्रि करके आप कई तरह के व्यवधानों से मुक्ति पा सकते है....

अगर आपकी कुंडली मे कालसर्प दोष है तो इस दिन कालसर्प दोष से मुक्ति के लिए सुबह शिव मंदिर में जाएं और भगवान शिव को धतूरा चढ़ाएं। इसके बाद ओम नमः शिवाय का जाप करें। ऐसी मान्यता है कि इस  दिन नाग-नागिन के जोड़े को शिवलिंग पर अर्पित करने से कालसर्प दोष से मुक्ति मिलती है।

अगर आप किसी तरह की बीमारी से ग्रसित है तो इसे दूर करने के लिए आप किसी योग्य पड़ित से महामृत्युंजय मंत्र का जाप करवाए । इससे शारीरिक परेशानी समाप्त होगी। इसके अलावा अगर घर में अशांति रहती है तो पंचमुखी रुद्राक्ष की माला लेकर ओम नमः शिवाय का जाप करने से आपको बेहतरीन लाभ भी मिलेगा।

अगर आपकी कुंडली मे मांगलिक दोष है तो उस दोष को दूर करने के लिए आप  सोमवार की आधी रात को यानी निशिथ काल में शिव पूजन करें व शिव को प्रिय बेल पत्र, भांग, धतूरा, जल, दूध, दही, घी, शहद आदि अर्पण करने से मांगलिक दोष दूर होगा।

अगर आपके लंबे समय से विवाह के योग नही बन रहे है तो इस दिन शिवलिंग की विधिवत पूजा और उपवास करने से कुंवारी लड़कियों को मनचाहा वर मिलने की प्राप्ति होती है।

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